बम्बई में का बा Bambai Main Ka Ba Hindi Lyrics

बम्बई में का बा Bambai Main Ka Ba lyrics in Hindi, sung performed by Manoj Bajpayee. बम्बई में का बा Bhojpuri rap is written by Dr. Sagar and music composed by Anurag Saikia.

Song Title: Bambai Main Ka Ba
Singer and Performer: Manoj Bajpayee
Lyrics: Dr Sagar
Video Director: Anubhav Sinha
Music: Anurag Saikia
Music Label: T-series

बम्बई में का बा Bambai Main Ka Ba Hindi Lyrics

बम्बई में का बा Bambai Main Ka Ba Hindi Lyrics

बम्बई में का बा
इहवाँ का बा
ना त बम्बई में का बा
इहवाँ का बा..
दू बिगहा में घर बा लेकिन
सुतल बानी टेम्पू में
जिनगी ई अझुराईल बाटे
नून तेल और शैम्पू में
मनवा हरियर लागे भइया
हाथ लगौते माटी में
जियरा अजुओ अटकल बाटे
घर में चोखा बाटी में

का बा.. इहवाँ..

जिनगी हम ता जिये चाहीं
खेत बगइचा बारी में
छोड़ छाड़ सब आयल बानी
हम इहवाँ लाचारी में

कहाँ? ना त बम्बई में का बा..
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा..

बन के हम सिक्यरिटी वाला
डबल द्युटिया खटल तानी
ढिबरी के बाती के जइसे
रोज़ रोज़ हम घटत तानी

केकरा एतना सौख बाटे
मच्छर से कटवावे के
के चाहेला ऐ तरह
अपने के नरवासाहे के

का बा.. इहवाँ.. का बा..

गाँव शहर के बिचवा में हम
गजबय कन्फुजीआईल बानी
दू जून के रोटी ख़ातिर
Bombay में हम आईल बानी

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

हेलो.. हेलो’ ऐ सुनाता
ऐ कहाँ बाड़ू
ना’ होली में’ होली में’ आवा तानी
ठीक बा’

घी दूध और माठा मिसरी
मिलेला हमारा गाँव में
लेकिन इहाँ काम चलत बा
खाली भजिया पावय में
खाबा का

काम काज ना गांव में बाटय
मिळत नाही नौकरिया हो
देखा कइसे हाकत बाड़ें
जइसे भेड़ बकरिया हो

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

धत्त साला’. हटा

काम धाम रोजगार मिलय ता
गउएँ सड़क बनैति जाय
जिला जवाडी छोड़ के इहवाँ
ठोकर काहे खईति जाये

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

केसे केहू दुखवा बाटय
हम केतना मजबूर हईं
लड़ीका पड़ीका मेहरारू से
एक बरस से दूर हईं
के छोड़ेला बा ऐ तरह
अब हमहन के लाचारी में
अपना छोटकी बुचिया के हम
भर ना सकी अकवारी में

ऐ बॉबी.. आउ ना ‘ गोदिया में आउ ना
अरे इहाँ सुत ना
गोदिया में सुत जो
हा हा हा

बूढ़ पुरनिया माई बाबू
ताल तलइया छूट गईल
केकरा से देखवाई मनवा
भीतरे भीतर टूट गईल

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

हसुआ और ई खाँची फरुआ
बड़की चोंख कुदार उहाँ
लमहर चाकर घर दू तलिया
हमरो है सरकार वहां

हमरे हाथ बनावे बिल्डिंग
आसमान के छुअत बे
हम ता झोपड़पट्टी वाला
हमरय खोली चुअत बे

का बा.. इहवाँ’

आ के देखा शहरिया बबुआ
का भेड़िया धसान लगे
मुर्गी के दरबा में जइसन
फसल सबय के जान लगय

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

एतना मुअला जियला पर भी
फूटल कौड़ी मिलत ना
लौना लकड़ी खर्ची बरछी
घर के कमवा जुरत ना

महानगर के तौर तरीका
समझ में हमरा आवे ना
घड़ी घड़ी पे डाटय लोगवा
ढंग से केहू बतावे ना

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

जबरा के हथवा में भइया
नियम और कानून उहाँ
छोट छोट बतियन पे उ
कई देलस ख़ून उहाँ

ऐ समाज देखा केतना ऊंच नीच का भेद हवे
उनका ख़ातिर संविधान में ना कोई अनुच्छेद हवे

इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा

बेटा बेटी लेके गावं में जिंदगी जिए मोहाल हवे
ना नीमन स्कूल कहीं बा ना नीमन अस्पताल हवे

ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा

जुलम होत बा हमरी सगवां केतना अब बरदास करी
देस के बड़का हाकिम लोग पर अब कइसे विसवास करीं

हम ता भुइयां लेकिन तोहरा बहुत ऊंच सिंघासन बा
सब जानय ला केकरा चलते ना घरवा में रासन बा

इहवाँ.. का बा..

हे साहेब लोग’
हे हाकिम लोग
हमरो कुछ सुनवाई बा
गांव में रोगिया मरत बाड़ें
मिळत नहीं दवाई बा

बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..
ना त बम्बई में का बा
इहवाँ.. का बा..

चला बाबू बड़ा लम्बा रास्ता बा
जब ले जान रही गोड़ चलत रही बाबू
चला’ कंधा पे ले एकरा के
चल ना.. बानी नु हम

अरे कुछ ना पंद्रह सौ KM कहा ता लोग
अरे चल जाई आदमी
आँ’ चल जाई आदमी
चल जाई ‘ चल जाई

अरे बस भोले नाथ के नाम ला
चल बम
बोल बम बोल बम..

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